NPS (National Pension System) से सरकारी कर्मचारियों में भविष्य को लेकर चिंताएं ।

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NPS (National Pension Scheme) क्या है-

 

दोस्तों आपने NPS (National Pension System) के बारे में सरकारी कर्मचारियों को बात करते सुना होगा NPS क्या है आखिर NPS क्यों बनाया गया पुरानी पेंशन प्रणाली और  NPS में क्या अंतर है What is NPS in Hindi. इस लेख के माध्यम से में सरकारी कर्मचारियों में इस स्कीम को लेकर उनकी चिताओं के बारे में बताउंगा

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दिनांक 31-12-2004 के बाद के भर्ती सरकारी कर्मचारियों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा NPS (National Pension System) लायी गई । उसके पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए GPF Scheme थी । NPS एक राष्टीय पेंशन प्रणाली है, जिसके माध्यम से सरकारी कर्मचारियों के वेतन से कुछ राशि काटकर तथा कुछ राशि सरकार द्वारा दिया जाता हैँ । यह Scheme Market आधारित जोखिमों के आधीन है । इसका मुख्य उदेश्य रिटार्यमेंट के बाद सरकारी कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन प्रदान करना है । आप इसे रिटायरमेंट सेविंग एकाउंट भी कह सकते हैं । इसे पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA, Pension Fund Regularity Development Authority) द्वारा प्रबंधित किया जाता है । 

एनपीएस और पुरानी पेंशन व्यवस्था में अंतर-

सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना लागू करने के बाद से ही यह योजना विवाद का कारण बनी हुई है इस व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मचारियों के वेतन में से 10% राशि अंशदान के रूप में काटी जाती है तथा 10% राशि सरकार द्वारा दी जाती है जिसे बढाकर अब सरकार द्वारा 14% कर दी गई है एनपीएस की तुलना में बहुत से सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को बेहतर मानते हैं नर्इ पेंशन योजना बाजार जोखिम के अधीन है इसका तात्पर्य यह है कि बाजार अगर उपर रहा तो आपको फायदा है लेकिन यदि बाजार नीचे गिरा तो इसका असर आपके पेंशन फंड पर पडना निश्चित है आपको रिटायरमेंट के समय इसका नुकसान उठाना पड सकता है एनपीएस और पुरानी पेंशन योजना में अंतर समझने के लिए आप निम्न सारणी का अवलोकन करें-

पुरानी पेंशन योजना

एनपीएस

पुरानी पेंशन योजना के लाभाथिर्यों को GPF (General Provident Fund) की सुविधा मिलती हैँ ।

नर्इ पेंशन योजना के लाभाथिर्यों को NPS (National Pension System) की सुविधा मिलती हैँ ।

पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों के वेतन से कोई कटौती नहीं होती है ।

नर्इ पेंशन योजना में कर्मचारियों के वेतन से कटौती होती है ।

पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को अंतिम वेतन के समय 50% गारंटिड पेंशन मिलती है

नई पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय एनपीएस में जमा 40% से ही पेंशन बनेगी ।

पुरानी पेंशन पूरी तरह से सरकार द्वारा दी जाती है ।

नई पेंशन योजना में कर्मचारियों एवं सरकार के अंशदान से जमा राशि से ही पेंशन दी जाती हैँ ।

पुरानी पेंशन योजना में विवाद होने पर सरकार के खिलाफ केस भी किया जा सकता है ।

नई पेंशन योजना में केस नहीं किया जा सकता है

पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर अंतिम वेतन के अनुसार 16.5 गुना राशि ग्रजेएुयटी के रूप में प्रदान की जाती है ।

नई पेंशन योजना में ऐसा नहीं है ।

पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी की आकस्मिक death होने पर प्रदान की जाती है

नई पेंशन योजना में ऐसा नहीं है ।

पुरानी पेंशन योजना में सेवा के दौरान यदि कर्मचारी की death हो जाती है तो परिवार को पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाती है ।

नई पेंशन योजना में ऐसा नहीं है ।

पुरानी पेंशन योजना वालों को मंहगाई भत्ता एवं वेतन आयोग का भी लाभ मिलता है ।

नई पेंशन योजना में ऐसा नहीं है ।

पुरानी पेंशन योजना में जीपीएफ पर लोन भी मिलता हैँ ।

एनपीएस में लोन की कोई सुविधा नहीं है ।

पुरानी पेंशन योजना के अनुसार आपको रिटायरमेंट में मिलने वाली राशि पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पडता है ।

नई पेंशन योजना में इनकम टैक्स देना पडता है ।

जीपीएफ पर आपको एक नियमित ब्याज मिलता है ।

नई पेंशन योजना में नियमित ब्याज नहीं मिलता है ।

    निष्कर्ष-

दोस्तों मैंने इस लेख के माध्यम से आपको NPS एवं पुरानी पेंशन योजना में अंतर बताने का प्रयास किया है । इसी अंतर के कारण ही सरकारी कर्मचारियों को यह योजना रास नहीं आ रही है । अगर आपको यह लेेख पसंद आया तो आप इसे ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी भाईयों में  शेयर करें । अगर आपके कोई सुझाव या प्रश्न है तो आप कमेंट बाक्स में मुझे लेख सकते हैं ।